Posts

Haldighati Ka Yuddh Kab

  हल्दीघाटी का युद्ध  18 जून 1576  को मेवाड़ के महाराणा प्रताप का समर्थन करने वाले घुड़सवारों और धनुर्धारियों और मुगल सम्राट अकबर की सेना के बीच लडा गया था जिसका नेतृत्व आमेर के राजा मान सिंह प्रथम ने किया था। इस युद्ध में महाराणा प्रताप को मुख्य रूप से भील जनजाति का सहयोग मिला । Haldighati Ka Yuddh Kab Hua- युद्ध की पूरी जानकारी

रैयतवाड़ी व्यवस्था क्या है

 स्थायी बंदोबस्त के पश्चात, ब्रिटिश सरकार ने भू-राजस्व की एक नयी पद्धति अपनायी, जिसे रैयतवाड़ी बंदोबस्त कहा जाता है। मद्रास के तत्कालीन गवर्नर (1820-27) टॉमस मनरो द्वारा 1820 में प्रारंभ की गयी इस व्यवस्था को मद्रास, बम्बई एवं असम के कुछ भागों लागू किया गया। बम्बई में इस व्यवस्था को लागू करने में बंबई के तत्कालीन गवर्नर (1819-27) एल्फिन्सटन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। भू-राजस्व की इस व्यवस्था में सरकार ने रैयतों अर्थात किसानों से सीधा बंदोबस्त किया। अब रैयतों को भूमि के मालिकाना हक तथा कब्जादारी अधिकार दे दिये गये तथा वे सीधे या व्यक्तिगत रूप से स्वयं सरकार को लगान अदा करने के लिये उत्तरदायी थे। इस व्यवस्था ने किसानों के भू-स्वामित्व की स्थापना की। इस प्रथा में जमींदारों के स्थान पर किसानों को भूमि का स्वामी बना दिया गया। इस प्रणाली के अंतर्गत रैयतों से अलग-अलग समझौता कर लिया जाता था तथा भू-राजस्व का निर्धारण वास्तविक उपज की मात्रा पर न करके भूमि के क्षेत्रफल के आधार पर किया जाता था । Raiyatwari Vyavastha – रैयतवाड़ी व्यवस्था क्या है सरकार द्वारा इस व्यवस्था को लागू करने का उद्देश्य...

इटली का एकीकरण क्या है

  इटली का एकीकरण क्या है | unification of italy | इतालवी भाषा में इटली एकीकरण को इल रिसोरजिमेंतो कहते हैं. 19वीं सदी में इटली में एक सामाजिक तथा राजनैतिक अभियान की शुरुआत की गई थी. इटली का एकीकरण क्या है | unification of italy इतालवी भाषा में इटली एकीकरण को इल रिसोरजिमेंतो कहते हैं. 19वीं सदी में इटली में एक सामाजिक तथा राजनैतिक अभियान की शुरुआत की गई थी. इस अभियान ने इटली प्रायद्वीप के विभिन्न राज्यों को संगठित करके एक इतालवी राष्ट्र बना दिया. इस राष्ट्र को इटली कहा गया. यह एकीकरण इटली पर नेपोलियन बोनापार्ट के सन् 1815 ई. में शासन के समाप्त पर होने वाले वियेना सम्मलेन के साथ शुरू हुआ तथा राजा वित्तोरियो इमानुएले की सेनाओं द्वारा 1870 ई. में रोम पर कब्‍जा होने तक चला. यह भी देखे :- सिख धर्म के गुरु | Guru of Sikhism 19 वी सदी के पूर्वार्द्ध में इटली में 13 राज्य थे. इटली के एकीकरण का जनक जोसेफ मोजिनी को माना जाता है. मेजिनी का जन्म जेनेवा में हुआ था. इटली के एकीकरण का सबसे बड़ा बाधक आस्ट्रिया था.इस एकीकरण में सार्डीनिया पीडमौंटा राज्य ने अगुआई की थी. https://anokhijankari.com/italy-...

नीलकंठ वर्णी का इतिहास व कहानी

  Nilkanth varni Nilkanth varni अथवा स्वामीनारायण (nilkanth varni history in hindi) का जन्म उत्तरप्रदेश में हुआ था। इनके जन्म के पश्चात् ज्योतिषियों ने देखा कि इनके हाथ और पैर पर “ब्रज उर्धव रेखा” और “कमल के फ़ूल” का निशान बना हुआ हैं। इसी समय भविष्यवाणी हुई कि ये बच्चा सामान्य नहीं है , आने वाले समय में करोड़ों लोगों के जीवन परिवर्तन में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। Read also nilkanth-varni-history-in-hindi Tarain Ka Pratham Yuddh

अष्टांग योग क्या है

अष्टांग योग  अष्टांग योग के अंतर्गत 5 अंक आते हैं यम नियम आसन प्राणायाम तथा प्रत्याहार इसके शेष अन्य अंग धारणा ध्यान समाधि है परंतु अष्टांग योग के कुल आठ अंग माने जाते हैं SGPT Full Form In Hindi-SGPT kya hai  अष्टांग योग के आठ अंग  योग भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में सबसे प्रसिद्ध है और सभी लोग इसे दिन में एक बार जरूर करते हैं अन्य लोगों के मुकाबले अष्टांग योग सबसे प्रसिद्ध है और इसमें आठ अंग माने जाते हैं   यम  अष्टांग योग का प्रथम अंग यम है इस योग का उद्देश्य है अहिंसा ना करना दूसरों को कष्ट ना देना सदा सत्य बोलना चोरी ना करना संजय ना करना वह दूसरों की चीजों पर लालच ना करना   नियम  यम को धारण करने के बाद इस नियम की बारी आती है इसके भी पांच अंग है सोच संतोष तप स्वाध्याप और ईश्वर प्रतिधान इन अंगों को ग्रहण करने के बाद ही इसका दूसरा चरण पार किया जा सकता है   आसन  वैसे तो स्वस्थ रहने के लिए कई योग है जिन से अच्छी तरह स्वस्थ रहा जा सकता है लेकिन अष्टांग योग में आसन का अर्थ है बिना हिले डुले एक स्थान एक स्थिति में आसन पर बैठना   प्राण...